जनवरी 30, 2026

‘नबी सबके लिए’ अभियान के तहत मरकज़ुल मआरिफ़ मुंबई में बलड डोनेशन कैंप का आयोजन

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‘नबी सबके लिए’ अभियान के तहत मरकज़ुल मआरिफ़ मुंबई में बलड डोनेशन कैंप का आयोजन

इसी न्यूज डेस्क
15 सितंबर 2024

मुंबई, 15 सितंबर: देश में भाईचारे को बढ़ावा देने के लिए तीन साल पहले ProphetForAll# यानी “पैगंबर मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) सबके लिए” नामक एक अभियान की शुरुआत की गई थी। इस अभियान का उद्देश्य पैगंबर मुहम्मद की शिक्षाओं को जन-जन तक पहुंचाना और लोगों के दिलों से इस्लाम और पैगंबर के प्रति गलतफहमियों को दूर कर, उन्हें सच्चाई से अवगत कराना है। इस अभियान के तहत 1 रबीउल-अव्वल से 12 रबीउल-अव्वल तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इनमें “मस्जिद परिचय” कार्यक्रम होता है, जिसमें गैर-मुस्लिम भाइयों को मस्जिद में बुलाकर वहां की गतिविधियों से परिचित कराया जाता है। एक और खास कार्यक्रम “नातिया मुशायरा” है, जिसमें गैर-मुस्लिम कवी इस्लाम और पैगंबर मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) पर अपने विचार प्रस्तुत करते हैं।

इस साल, 11 रबीउल-अव्वल को पूरे देश में बलड डोनेशन कैंप आयोजित किए गए। विभिन्न स्थानों पर कैंप लगाए गए, जहां लोगों ने उत्साहपूर्वक रक्तदान किया। इस आयोजन का उद्देश्य यह दिखाना था कि पैगंबर मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) पूरी दुनिया के लिए रहमत बनकर आए थे और उनके नाम पर दिया गया यह रक्तदान उन बीमार लोगों के लिए रहमत साबित हो सकता है, जो अपनी जान बचाने के लिए खून के मोहताज होते हैं। कहा जाता है कि एक व्यक्ति द्वारा दिया गया खून तीन लोगों की जान बचा सकता है।

'नबी सबके लिए' अभियान के तहत मरकज़ुल मआरिफ़ मुंबई में बलड डोनेशन कैंप का आयोजन
खून दान करने के बाद सरदिफिकट भी दिया गया

मरकज़ुल मआरिफ़ एजुकेशन एंड रिसर्च सेंटर, मुंबई, जो कई दशकों से राष्ट्र और समाज की सेवा कर रहा है, ने भी इस अवसर पर मीनाताई ठाकरे बलड सेंटर के सहयोग से बलड डोनेशन कैंप का आयोजन किया। यह कैंप सुबह 9 बजे से शुरू होकर शाम 7 बजे तक चला। इसमें मरकज़ुल मआरिफ़ के शिक्षकों, छात्रों, और बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों, पुरुषों और महिलाओं ने हिस्सा लिया और अपना खून दान किया।

कैंप की शुरुआत एक छोटे से कार्यक्रम से हुई, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में मिल्लत हॉस्पिटल के सीईओ डॉ. तल्हा, स्थानीय कार्पोरेटर और शिवसेना नेता राजू पडनेकर, प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता और दारुल उलूम वक्फ देवबंद के मेंबर हाफिज़ इकबाल चूना वाला, स्थानीय बुजुर्ग मसरूर शेख (जिन्हें छोटू भाई के नाम से जाना जाता है), और आमना सामना न्यूज़ चैनल के मालिक और पत्रकार राशिद अज़ीम समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

मरकज़ुल मआरिफ़ के डायरेक्टर मौलाना मुहम्मद बुरहानुद्दीन क़ासमी ने ख़ून दान करने वाले सभी लोगों और मीनाताई ठाकरे बलड सेंटर के मालिक रमेश असवालकर और उनकी डॉक्टरों की टीम का आभार व्यक्त किया। दिन भर कई सामाजिक और राजनीतिक व्यक्तियों ने भी आकर लोगों का उत्साह बढ़ाया। इनमें कांग्रेस से सैफुल इस्लाम, एमआईएम से रईस लश्करिया, और शिवसेना से फ़िरोज़ शाह जैसे नाम प्रमुख हैं। मौलाना बुरहानुद्दीन क़ासमी ने सभी मेहमानों का स्वागत किया और उनका शुक्रिया अदा किया।

कार्यक्रम का संचालन मौलाना अतीकुर्रहमान क़ासमी ने किया, और इसका समापन मरकज़ुल मआरिफ़ मस्जिद के इमाम मौलाना मुहम्मद शाहिद क़ासमी की दुआओं के साथ हुआ।

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