जनवरी 30, 2026

असम के मुख्यमंत्री द्वारा #मदरसों के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी #देश का #अपमान: जमीअत उलेमा-ए-हिंद

Eastern Crescent
3 Min Read
74 Views
3 Min Read

प्रेस रिलीज़

ईसी न्यूज़ डेस्क

नई दिल्ली, 20 मई: जमीअत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद असद मदनी ने असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा सरमा के हालिया बयानों की कड़ी निंदा की और इस पर गहरी चिंता व्यक्त की। गौरतलब है कि बिहार में अपने चुनाव प्रचार के दौरान असम के मुख्यमंत्री हिमंत सरमा ने “मुल्ला पैदा करने वाली दुकानें बंद करने” और ”चार शादियों के कारोबार को खत्म करने” जैसी भड़काऊ टिप्पणी की थी, मौलाना मदनी ने कहा कि मदरसे राष्ट्रीय विरासत हैं, यहां से शिक्षा प्राप्त किये लोगों ने विभिन्न क्षेत्रों में इस देश की सेवा की है और लगातार कर रहे हैं। इसलिए मदरसों के बारे में इस तरह की बातें करना वास्तव में देश का अपमान है।

असम के मुख्यमंत्री द्वारा #मदरसों के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी #देश का #अपमान: जमीअत उलेमा-ए-हिंद
जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के मदरसों पर आपत्तिजनक बयानों की कड़ी निंदा की।

मौलाना मदनी ने आगे कहा कि इस तरह की विभाजनकारी और भड़काऊ टिप्पणियां न केवल हमारे देश के धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने को कमजोर करती हैं बल्कि नफरत और आपसी वैमनस्य को बढ़ाने का कारण बनती हैं। भारत का संविधान प्रत्येक नागरिक को अपने धर्म का स्वतंत्र रूप से पालन और प्रचार-प्रसार करने का संवैधानिक अधिकार देता है। किसी समुदाय विशेष को उनकी धार्मिक मान्यताओं के आधार पर निशाना बनाना अस्वीकार्य और हृदय विदारक है। और यह हमारे संविधान में निहित न्याय और समानता के सिद्धांतों के खिलाफ है।

मौलाना मदनी ने कहा कि जमीअत उलेमा-ए-हिंद ने हमेशा सभी समुदायों के बीच शांति, सद्भाव और आपसी सम्मान की वकालत की है। हमारा मानना है कि एक मजबूत और अधिक एकजुट भारत का मार्ग बहुलता में एकता और आपसी सम्मान और समझ के माहौल को बढ़ावा देने में निहित है। मौलाना मदनी ने सभी राजनीतिक नेताओं पर ज़ोर दिया कि वो ऐसे भड़काऊ बयान देने से बचें और देश को विभाजित करने के बजाये एकजुट करने वाले मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करें।
जमीअत उलेमा-ए-हिंद भारत के चुनाव आयोग से अपील करती है कि वो इन बयानों का नोटिस ले और इस बात को सुनिश्चित किया जाये कि विभाजनकारी और सांप्रदायिक बयानबाजी से मुक्त स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के सिद्धांतों को बरकरार रखा जाए। मौलाना मदनी ने आम जन और सभी समुदायों से शांति और सद्भाव के प्रति अपनी प्रतिबद्धता पर दृढ़ रहने की अपील करते हुये कहा कि ऐसे बयानों से प्रभावित न हों जिनका उद्देश्य विवाद पैदा करने है। उन्होंने कहा कि हमारी ताकत हमारी एकता में है और हमें इस देश की विरासत को बचाने के लिए एक साथ खड़ा होना चाहिये।
۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔
संपादक महोदय इस विज्ञप्ति को प्रकाशित करने की कृपा करें
धन्यवाद।
नियाज़ अहमद फारूकी
सचिव, जमीअत उलमा-ए-हिंद

Share This Article
कोई टिप्पणी नहीं

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Trending News

ईरान, वैश्विक प्रतिरोध और पश्चिमी वर्चस्व का अंत

ईरान, वैश्विक प्रतिरोध और पश्चिमी वर्चस्व का अंत लेखक: मोहम्मद बुरहानुद्दीन क़ासमी…

Eastern Crescent

“श्रोताओं की रुचि और विचारों की गहराई के बिना भाषण प्रभावहीन रहता है” _  सोहैल मसूद

“श्रोताओं की रुचि और विचारों की गहराई के बिना भाषण प्रभावहीन रहता…

Eastern Crescent

धन्यवाद, बिहार!

धन्यवाद, बिहार! मोहम्मद बुरहानुद्दीन क़ासमी संपादक: ईस्टर्न क्रेसेंट, मुंबई आज 29 जून…

Eastern Crescent

मरकज़ुल मआरिफ़ मुंबई ने किया शैक्षणिक सत्र 2025–26 की पहली इंग्लिश भाषण प्रतियोगिता का आयोजन

मरकज़ुल मआरिफ़ मुंबई ने किया शैक्षणिक सत्र 2025–26 की पहली इंग्लिश भाषण…

Eastern Crescent

“मैं अंदर थी — आज सुप्रीम कोर्ट में सिर्फ कानून नहीं, क़ौम खड़ी थी”

"मैं अंदर थी — आज सुप्रीम कोर्ट में सिर्फ कानून नहीं, क़ौम…

Eastern Crescent

अगली सुनवाई तक कोई नियुक्ति नहीं, वक्फ की वर्तमान स्थिति में कोई परिवर्तन नहीं किया जाए: सुप्रीम कोर्ट

अगली सुनवाई तक कोई नियुक्ति नहीं, वक्फ की वर्तमान स्थिति में कोई…

Eastern Crescent

Quick LInks

ईरान, वैश्विक प्रतिरोध और पश्चिमी वर्चस्व का अंत

ईरान, वैश्विक प्रतिरोध और पश्चिमी वर्चस्व का अंत लेखक: मोहम्मद बुरहानुद्दीन क़ासमी…

Eastern Crescent

“श्रोताओं की रुचि और विचारों की गहराई के बिना भाषण प्रभावहीन रहता है” _  सोहैल मसूद

“श्रोताओं की रुचि और विचारों की गहराई के बिना भाषण प्रभावहीन रहता…

Eastern Crescent

मरकज़ुल मआरिफ़, मुम्बई के शिक्षकों और विद्यार्थियों की मौलाना बद्रुददीन अजमल से मुलाक़ात

मरकज़ुल मआरिफ़, मुम्बई के शिक्षकों और विद्यार्थियों की मौलाना बद्रुददीन अजमल से…

Eastern Crescent